
मुंबई। मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर स्वयं को ‘गॉडमैन’ और ज्योतिषी बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है। खरात पर बलात्कार, धोखाधड़ी और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप हैं। ईडी ने 6 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ। एफआईआर में आरोप है कि खरात ने धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करते हुए कई महिलाओं को नशीले पदार्थ देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और उनसे जबरन वसूली की।
पुलिस हिरासत में आरोपी
खरात फिलहाल नासिक में पुलिस हिरासत में है। उसे 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जब एक विवाहित महिला ने तीन वर्षों तक लगातार दुष्कर्म का आरोप लगाया। नासिक की अदालत ने उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है। उसके खिलाफ कई अन्य यौन शोषण से जुड़े मामले भी दर्ज हैं।
70 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ईडी का आरोप है कि खरात ने ‘बेनामी’ बैंक खातों के जाल के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने पीड़ितों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक ही दिन में 60 बैंक खाते खुलवाए और बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किया। यह मामला अहिल्यानगर जिले की एक सहकारी क्रेडिट सोसाइटी से भी जुड़ा है।
धोखाधड़ी और अंधविश्वास का जाल
आरोप है कि खरात ने ‘दैवीय शक्तियों’ और ‘काला जादू’ के नाम पर लोगों को गुमराह किया और इमली के बीज व शहद जैसी साधारण वस्तुओं को ‘पवित्र’ बताकर ऊंचे दामों में बेचा। इसी पैसे से उसने अपने और परिवार के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं।
ईडी की हिरासत मांग और आगे की जांच
ईडी ने अदालत में दलील दी है कि आरोपी की हिरासत जरूरी है ताकि पूरे नेटवर्क, असली लाभार्थियों और मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके। एजेंसी को आशंका है कि इस मामले के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है, जो नासिक और अहिल्यानगर में दर्ज कुल 12 मामलों की जांच कर रहा है। इनमें से अधिकांश मामले महिलाओं के यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े हैं।




