
ठाणे। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान ठाणे यातायात विभाग द्वारा शुरू की गई ‘ट्रैफिक राइडर्स’ पहल छात्रों के लिए वरदान साबित हुई है। 10 फरवरी से 18 मार्च के बीच इस पहल के माध्यम से 46 छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाकर उनका शैक्षणिक वर्ष बचाया गया। इस मानवीय प्रयास की अभिभावकों द्वारा भी व्यापक सराहना की जा रही है। यह पहल आशुतोष डुंबारे और संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण के मार्गदर्शन में लागू की गई। शहर में ट्रैफिक जाम, वाहन खराब होने या अन्य कारणों से परीक्षा में देरी का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए 54 वाहन चालकों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। छात्रों की सुविधा के लिए 7039003866 व्हाट्सएप नंबर के साथ 8286300300 और 8286400400 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे। इसके अलावा 18 यातायात इकाइयों में भी संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी, जिससे छात्रों और अभिभावकों को त्वरित सहायता मिल सकी। परीक्षा के पहले दिन 10 फरवरी को कंट्रोल रूम में 25 कॉल प्राप्त हुए, जबकि अगले दिन केवल एक कॉल आया। 17 फरवरी को ठाणे, कलवा और नवी मुंबई एमआईडीसी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंसे 4 छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। वहीं 7 मार्च को अंबरनाथ के दो छात्र लोकल ट्रेन न मिलने के कारण रेलवे स्टेशन पर फंस गए थे। सूचना मिलते ही उपायुक्त पंकज शिरसाट और पुलिस आयुक्त किरण बलवाडकर के निर्देशन में पुलिस टीम ने ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसी व्यवस्था कर उन्हें वैकल्पिक मार्ग से कल्याण स्थित परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचाया, जिससे उनका साल बर्बाद होने से बच गया। 10 फरवरी से 18 मार्च तक कुल 46 छात्रों की मदद की गई, जो ठाणे ट्रैफिक विभाग के लिए एक सराहनीय उपलब्धि है। अधिकारियों ने इस कार्य में शामिल पुलिसकर्मियों और चालकों की विशेष प्रशंसा की है। यह पहल केवल ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह देश के भविष्य—युवा पीढ़ी—के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।



