
मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद में सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के व्यक्तित्व और कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के व्यक्तित्व में पारंपरिक राजनीति से अधिक संवेदनशीलता झलकती है, लेकिन एक बार निर्णय लेने के बाद उसे दृढ़ता से लागू करने की उनकी शैली बालासाहेब ठाकरे की याद दिलाती है। मंगलवार को विधान परिषद से विदा ले रहे नेताओं में डॉ. नीलम गोऱ्हे, अमोल मिटकरी, शशिकांत शिंदे, राजेश राठोड, संदीप जोशी, दादाराव केचे, रणजितसिंह मोहिते-पाटील और संजय केनेकर शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में मतभेद और संघर्ष के बावजूद एक अलग प्रकार का संबंध और सहयात्रा भी होती है। उद्धव ठाकरे के साथ अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य और समाज के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य साथ मिलकर किए गए। उन्होंने उद्धव ठाकरे के छायाचित्रण कार्यों की भी सराहना करते हुए ‘महाराष्ट्र देशा’ और ‘पाहावा विठ्ठल’ जैसे उनके प्रोजेक्ट्स को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने वाला बताया। साथ ही उनकी भाषण शैली को सरल, संवादात्मक और विनोदी बताते हुए कहा कि उनकी आक्रामक छवि के पीछे एक शांत और संयमी व्यक्तित्व है। डॉ. नीलम गोऱ्हे के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे महिलाओं के मुद्दों पर लगातार काम करने वाली संवेदनशील और प्रभावी सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो हर घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देती हैं और पीड़ितों की आवाज सरकार तक पहुंचाती हैं। अमोल मिटकरी के ज्ञान और विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में उनकी सक्रियता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे विभिन्न विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। वहीं शशिकांत शिंदे के बारे में कहा कि उन्होंने श्रमिक आंदोलनों को मजबूती देने में अहम योगदान दिया है। राजेश राठोड के शैक्षणिक, सामाजिक और सहकारी क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मराठवाड़ा क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। संजय केनेकर के सार्वजनिक जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा कई लोगों के लिए उदाहरण है। दादाराव केचे के कार्यों के प्रति समर्पण और नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रयासों से वर्धा जिले में विकास कार्यों को गति मिली। वहीं रणजितसिंह मोहिते-पाटील को उभरते युवा नेतृत्व के रूप में बताते हुए उनके सहकार, कृषि, शिक्षा और उद्योग क्षेत्रों में योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सभी सेवानिवृत्त सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और अपने राजनीतिक सफर के अनुभव साझा किए।




