Tuesday, March 24, 2026
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5 नरबलि का शक, फार्महाउस से मिले कारतूस और ‘सिद्ध पुरुष’ अशोक खरात बाबा की हैवानियत की दास्तां!

इंद्र यादव/ नाशिक। समाज में धर्म और आस्था के नाम पर जहर घोलने वाले एक और पाखंडी का चेहरा बेनकाब हुआ है। नाशिक पुलिस ने अशोक खरात नाम के एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने ‘सिद्ध पुरुष’ होने का ढोंग रचकर न केवल महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ किया, बल्कि उस पर नरबलि जैसे रूह कंपा देने वाले आरोप भी लगे हैं। पुलिस ने जब उसे अदालत में पेश किया, तो उसके काले कारनामों की ऐसी दास्तां सुनाई कि सुनने वालों के होश उड़ गए।
प्यास बुझाने के बहाने बिछाता था जाल
अशोक खरात का शिकार करने का तरीका बहुत ही अजीब और शातिर था। वह राह चलती या परेशान महिलाओं को पानी पिलाने के बहाने बातचीत शुरू करता था। वह खुद को बहुत ही दयालु और आध्यात्मिक इंसान दिखाता था। जैसे ही कोई महिला उसकी बातों में आती, वह धीरे-धीरे उन्हें अपनी ‘शक्तियों’ का डर या लालच दिखाकर अपने जाल में फंसा लेता था।
‘सिद्ध पुरुष’ बनकर किया अत्याचार
जब महिलाएं उसके प्रभाव में आ जाती थीं, तब खरात अपना असली रंग दिखाता था। वह दावा करता था कि वह एक ‘सिद्ध पुरुष’ है और उसके पास दैवीय शक्तियां हैं। इसी ढोंग की आड़ में वह महिलाओं को डराता-धमकाता था और उनका शारीरिक व मानसिक शोषण (अत्याचार) करता था।
पांच नरबलि का शक: सबसे बड़ा खुलासा
इस मामले का सबसे डरावना पहलू ‘नरबलि’ है। पुलिस ने अदालत को बताया कि उन्हें संदेह है कि अशोक खरात ने अपनी तथाकथित तंत्र-मंत्र की साधना के लिए 5 लोगों की बलि दी है। पुलिस अब उन लापता लोगों और खरात के पुराने रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस खौफनाक सच से पर्दा उठ सके।
फार्महाउस पर फायरिंग और हथियारों का रहस्य
पुलिस की छापेमारी में अशोक खरात के फार्महाउस से बंदूक की गोलियों के खाली खोखे (काडतूस) मिले हैं। इससे यह साफ है कि वह वहां हथियारों का इस्तेमाल करता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये गोलियां किसने चलाईं? क्या इन गोलियों का इस्तेमाल किसी की हत्या के लिए किया गया था! खरात के पास हथियार कहाँ से आए।
29 मार्च तक पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने अदालत से कहा कि इस अपराधी के पास से कई राज उगलवाना अभी बाकी है। नरबलि और फायरिंग जैसे मामलों की गहराई तक पहुँचने के लिए उसकी हिरासत जरूरी है। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद अशोक खरात को 29 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे ‘बाबा’ और ‘सिद्ध पुरुष’ के नाम पर अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। नाशिक पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जिससे खरात को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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