
मुंबई। चांदवड तालुका के हिवरखेडे खरीद केंद्र पर दूसरे तालुकों का मक्का अवैध रूप से बेचे जाने के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को अन्न, नागरी आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण मंत्री छगन भुजबळ ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। यह मुद्दा विधायक राहुल आहेर द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया गया था। जवाब में मंत्री भुजबळ ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रारंभ में 6.60 लाख क्विंटल मक्का खरीद का लक्ष्य दिया था, जिसे राज्य की मांग के बाद बढ़ाकर 11.60 लाख क्विंटल किया गया। अब तक लगभग 7.50 लाख क्विंटल मक्का की खरीद पूरी हो चुकी है और करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि बारदाने (गोनी) की कोई कमी नहीं है, लेकिन जांच के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। छापेमारी में कुछ स्थानों पर गोनी का स्टॉक छिपाकर रखा गया पाया गया, वहीं राजस्व अधिकारियों की जांच में भी प्राथमिक स्तर पर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जिम्मेदारी जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों पर तय की जा रही है। नाशिक के जिला विपणन अधिकारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और अन्य जुड़ी संस्थाओं या व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।




