
मुंबई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में कृषि और किसानों को केंद्र में रखा गया है। यह बजट कृषि क्षेत्र और किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा, ऐसा विश्वास महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कृषि बजट को बढ़ाकर लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने के संकेत दिए गए हैं, जो महाराष्ट्र के किसानों के लिए निश्चित रूप से उत्साहवर्धक हैं। कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के लिए की गई बड़ी घोषणाओं में देश की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसानों की आय व जीवन स्तर में सुधार पर विशेष जोर दिया गया है। स्वर्गीय उपमुख्यमंत्री एवं अर्थमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में राज्य के पिछले बजट में कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। उनके मार्गदर्शन में महाराष्ट्र कृषि क्षेत्र में एआई नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। राज्य के कृषि विभाग द्वारा ‘महा-विस्तार’ ऐप विकसित किया गया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए केंद्र सरकार ने इस बजट में ‘भारत विस्तार’ नामक एआई आधारित बहुभाषिक कृषि सहायक उपकरण की घोषणा की है। इससे किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में मौसम, फसल योजना, कीट-रोग नियंत्रण और बाजार संबंधी जानकारी समय पर प्राप्त होगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक सरल होगी। बजट से डिजिटल कृषि के विकास की स्पष्ट दिशा दिखाई देती है। उच्च मूल्य वाली फसलों, फसल विविधीकरण, मत्स्य पालन, पशुपालन, सिंचाई तथा एआई आधारित कृषि तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है। कपास उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी। बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए नारियल, चंदन और काजू जैसे उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। काजू और कोको को वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 500 नए ‘अमृत जलाशय’ बनाए जाएंगे, जिससे मत्स्य उत्पादकों की आय बढ़ेगी। मत्स्य संपदा योजना का विस्तार करते हुए मत्स्य विक्रेताओं और सूक्ष्म उद्योगों के लिए 6,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। आगामी वर्षों में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27 में उर्वरक सब्सिडी प्रणाली में सुधार, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर पोषक तत्व आधारित मॉडल अपनाने और कृषि निर्यात के लिए स्थिर एवं दीर्घकालिक नीति पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा एग्री-बिजनेस नेटवर्क के लिए 167 करोड़ रुपये, सौर ऊर्जा आधारित पंप सिंचाई योजनाओं के लिए 207 करोड़ रुपये तथा कृषि व्यवसाय और ग्रामीण परिवर्तन योजना के लिए 646 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ महाराष्ट्र के किसानों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्ध है
बजट से भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी: मंगलप्रभात लोढ़ा
कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग, गरीबों और किसानों को समृद्ध करने वाला तथा देश की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। उन्होंने बताया कि बहुभाषिक एआई तकनीक के माध्यम से अत्याधुनिक कृषि को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘बायो फार्मा मिशन’ से न केवल दवाओं की कीमतें नियंत्रित होंगी, बल्कि भारत वैश्विक दवा निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। शिक्षा क्षेत्र में भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। पांच नए विश्वविद्यालयों और तीन आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी, जिससे भारतीय आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए एबीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू की जाएगी। इसके तहत 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण की भी घोषणा की गई है। बजट में बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया है। देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें मुंबई-पुणे को भी शामिल किया गया है, जिससे महाराष्ट्र के व्यापारियों और किसानों को लाभ होगा। एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए छह रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े सुधारों की घोषणा की गई है। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सतत विकास की दूरदृष्टि से प्रेरित यह बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और 7.4 प्रतिशत विकास दर के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।



