
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की संकल्पना के तहत राज्य के शालेय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने बताया कि अब ‘आनंददायी शनिवार’ के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए पाँच प्रमुख गतिविधियाँ लागू की जाएँगी—रानी लक्ष्मीबाई आत्मसंरक्षण प्रशिक्षण, मूलभूत सैनिकी प्रशिक्षण, प्रबोधन, योग प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परामर्श। इस संबंध में बुधवार को मुंबई में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री भुसे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से मजबूत और संस्कारों से समृद्ध बनाना है। यह अभियान राज्य की हर शाला तक पहुँचाया जाएगा, जिससे महाराष्ट्र की शालेय शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। अभियान के तहत रानी लक्ष्मीबाई आत्मसंरक्षण प्रशिक्षण में लगभग 10 हजार प्रशिक्षकों के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मूलभूत सैनिकी प्रशिक्षण के जरिए पूर्व सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स द्वारा परेड, कवायद और अनुशासन सिखाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो।
प्रबोधन कार्यक्रम के अंतर्गत मूल्यबोध, एकाग्रता, संवाद, कर्तव्य भावना और नैतिकता जैसे विषयों पर मार्गदर्शन किया जाएगा। योग प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की एकाग्रता और मनोबल बढ़ाने पर जोर रहेगा। वहीं स्वास्थ्य परामर्श में संतुलित आहार, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और मोबाइल व सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में एक सशक्त, अनुशासित और जागरूक पीढ़ी का निर्माण होगा, जो भविष्य में राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएगी।



