
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्र की कार्यवाही, पारित विधेयकों और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। सत्र में कुल 16 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक, मकोका में मादक पदार्थों को शामिल करने संबंधी संशोधन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को वैधानिक दर्जा, लघु खनन प्राधिकरण, और त्र्यंबकेश्वर-नासिक कुंभ मेला प्राधिकरण से संबंधित विधेयक शामिल हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा अधिनियम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बनाया गया है और इसमें सीधे किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या संस्था पर कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। इसके लिए न्यायिक समिति की अनुमति अनिवार्य होगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब तक औसतन 90 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी, जहाँ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के माध्यम से राहत कार्य किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामा कर मुआवजा वितरण शुरू हो चुका है और कई जिलों में धनराशि वितरित भी की जा चुकी है। राज्य के प्रमुख बांधों में 67% जल संग्रह हो चुका है, जिससे खरीफ फसल के लिए अनुकूल स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पूरक मांगों के माध्यम से मेट्रो परियोजनाओं, पेयजल योजना, नगर परिषदों व जिला परिषदों, महात्मा फुले जन आरोग्य योजना, छात्रवृत्ति योजना, और शिक्षा क्षेत्र को व्यापक वित्तीय सहायता दी गई है। दिव्यांग भत्ता 1500 से बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया है, और शिक्षक स्तर अनुदान तथा अनुकंपा नीति में भी संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को पशुपालन के समान दर्जा देने का निर्णय भी इसी सत्र में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कल विधानसभा परिसर में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है, जो महाराष्ट्र के लिए गौरव का क्षण है। दोनों सदनों में इस पर प्रशंसा व्यक्त की गई और मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई के सम्मान में भी सदन में अभिनंदन किया गया। मराठा समुदाय के लिए सरकार ने अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम को 750 करोड़ रुपये की निधि देने का निर्णय लिया है, जिसमें से पहला चरण वितरित हो चुका है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मानसून सत्र में आम आदमी के हित में कई निर्णय लिए गए हैं। झुग्गी पुनर्विकास, क्लस्टर योजनाएँ, किफायती आवास, महिलाओं के छात्रावास, पुलिस और मिल मजदूरों के लिए आवास जैसी योजनाओं पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए सरकारी और निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 150-दिवसीय कार्ययोजना की समीक्षा सत्र के दौरान की गई और प्रशासन को गति देने के लिए कई निर्णय लिए गए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बताया कि सत्र में 57,509 करोड़ रुपये की अनुपूरक माँगों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बार सदन में आधे घंटे की चर्चा का समय अधिक रहा, और बहस के दौरान अधिकांश सवाल गंभीर और उपयोगी सुझावों से जुड़े थे। उन्होंने इसे अभूतपूर्व बताया और कहा कि एक ही दिन में 25–30 विषयों पर गंभीर चर्चा हुई, जिसके लिए प्रशासन ने गहन तैयारी की। तीनों नेताओं ने कल विधानमंडल परिसर में हुई घटना पर संयुक्त रूप से खेद व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों, इसके लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से काम लिया जाएगा। इस प्रकार, मानसून सत्र न केवल विधायी प्रगति का प्रतीक रहा बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि सरकार विकास, सामाजिक न्याय, विधि-सम्मत सुरक्षा और पारदर्शिता के माध्यम से राज्य की दिशा को मजबूती से आगे ले जाने को प्रतिबद्ध है।




