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महाराष्ट्र के 75 गाँव बनेंगे ‘स्मार्ट विलेज’, सेवा पखवाड़े में चलेगा तकनीक और संस्कृति का संगम


मुंबई। राज्य में सेवा पखवाड़े (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025) के अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने घोषणा की कि महाराष्ट्र के 75 गाँवों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर ‘स्मार्ट विलेज’ बनाया जाएगा। इन गाँवों में तेज़ इंटरनेट, वाई-फ़ाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाएँ और नई तकनीकी प्रणालियाँ लागू की जाएँगी। मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में शेलार ने कहा कि नई पीढ़ी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण देना समय की ज़रूरत है और आईटी विभाग को इस दिशा में ठोस पहल करनी होगी। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव पराग जैन-नैनुतिया, फिल्मसिटी की प्रबंध निदेशक स्वाति म्हसे-पाटिल समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सेवा पखवाड़े में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य केंद्रों की पहल, दिव्यांग कलाकारों और तमाशा कलाकारों से चर्चा, वृक्षारोपण और युवाओं के लिए प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर ग्रीटिंग कार्ड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक प्रकाशन, प्रदर्शनी और चित्रकला-भाषण प्रतियोगिताएँ भी होंगी। शेलार ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के ज़रिए दुनिया के सामने पेश किया जाना चाहिए। राज्य के 11 किलों और जिंजी किले को यूनेस्को विरासत सूची में शामिल करने की प्रक्रिया के तहत इन स्थलों की वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी तैयार की जाएगी। साथ ही 75 विरासत स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर पर एक मराठी कॉफी टेबल बुक प्रकाशित की जाए और महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर विशेष प्रदर्शनी लगाई जाए। सेवा पखवाड़े के बहाने यह पहल राज्य में तकनीक, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय का नया उदाहरण पेश करेगी।

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