
मुंबई। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने मुंबई स्थित (एनएसई) मुख्यालय का दौरा कर प्रतिष्ठित ‘एनएसई बेल’ बजाई। इस दौरान उन्होंने भारतीय वित्तीय व्यवस्था की जानकारी ली और एनएसई की ट्रेडिंग तथा संचालन प्रणाली का अवलोकन किया। गुरुवार को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित एनएसई मुख्यालय में राष्ट्रपति टो लाम अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसई के अध्यक्ष श्रीनिवास इंजेटी के स्वागत भाषण से हुई। अपने संबोधन में श्रीनिवास इंजेटी ने कहा कि राष्ट्रपति टो लाम की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है और भारतीय वित्तीय क्षेत्र के साथ संवाद के लिए एनएसई को चुना जाना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम दोनों देश विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और पूंजी बाजार के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2024 में भारत में एक विनिर्माण परियोजना के भूमि पूजन के बाद केवल 18 महीनों में पहले वाहन का उत्पादन शुरू हो गया है, जो दोनों देशों के औद्योगिक सहयोग की गति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और वर्ष 2030 तक इसे 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति टो लाम और उनके प्रतिनिधिमंडल ने एनएसई की ट्रेडिंग और ऑपरेशंस सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें भारतीय शेयर बाजार की कार्यप्रणाली, डिजिटल ट्रेडिंग सिस्टम और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस दौरे को भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




