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शहरों के सृजनात्मक विकास को गति देगा ‘अर्बन चैलेंज फंड’ : मुख्यमंत्री फडणवीस

महाराष्ट्र में 44,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मिल सकती है गति, बॉन्ड और पीपीपी के जरिए जुटाया जाएगा धन

मुंबई। शहरों को विकास का केंद्र मानकर उनकी प्रगति में आने वाली बाधाओं को दूर करने और शहरी विकास में सृजनात्मक बदलाव लाने के लिए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अभिनव अभियान से शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में ‘वर्षा’ निवासस्थान पर नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अर्बन चैलेंज फंड अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, वित्त एवं नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. के. एच. गोविंदराज, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के विकास के लिए धन उपलब्ध कराने की दिशा में महाराष्ट्र पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। नाशिक और पुणे महानगरपालिकाओं ने इसी तर्ज पर धन जुटाकर जलापूर्ति और स्वच्छता परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध किए हैं। इन महानगरपालिकाओं की फंडिंग के लिए राष्ट्रीय सर्वोच्च समिति (एनएसी) की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसी पद्धति से पिंपरी-चिंचवड और नागपुर महानगरपालिका की कुछ परियोजनाओं के लिए भी धन उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में बताया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की अनुदान आधारित शहरी योजनाओं के साथ-साथ शहरों की संस्थागत, आर्थिक और प्रशासनिक सीमाओं के कारण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में अर्बन चैलेंज फंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके तहत बॉन्ड और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से भी धन जुटाया जा सकेगा। अभियान में लगभग 22 प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इनमें डिजिटल प्रशासन, शहरी बुनियादी ढांचे का विकास, सर्कुलर इकोनॉमी, यातायात जाम कम करने वाली परियोजनाएं, लास्ट माइल कनेक्टिविटी, 5 से 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वाले शहरी इलाकों का पुनरुद्धार, छोटे और मध्यम शहरों को विकास केंद्र के रूप में विकसित करना, उपनगरों का पुनर्विकास, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अनुकूल परिवहन परियोजनाएं, डेमॉन्स्ट्रेशन प्रोजेक्ट, ट्रांजिट हब का उन्नयन, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, शहर विकास केंद्र, शहरों का सृजनात्मक पुनर्विकास तथा जलापूर्ति और स्वच्छता परियोजनाएं शामिल हैं। अर्बन चैलेंज फंड के वित्तीय ढांचे पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। अभियान के तहत 90 हजार करोड़ रुपये का परियोजना निधि प्रस्तावित है। महाराष्ट्र में केंद्र सरकार के 11,200 करोड़ रुपये, राज्य सरकार के 11,200 करोड़ रुपये और बाजार आधारित स्रोतों से 22,400 करोड़ रुपये जुटाकर कुल 44,800 करोड़ रुपये की शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना है।

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