
मुंबई। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्यदूत माइक हैंकी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र राज्य आपदा नियंत्रण केंद्र (SDRC) का दौरा किया और केंद्र की कार्यप्रणाली, तकनीकी दक्षता एवं आपदा freप्रबंधन संबंधी तैयारियों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्य की राहत, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव सोनिया सेठी ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को SDRC की संरचना, तकनीकी पहलुओं और विभिन्न आपदा स्थितियों में इसकी भूमिका के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि SDRC में भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (GIS) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे राज्य की संवेदनशीलता के अनुसार पूर्व-तैयारी और समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाती है। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि SDRC आपातकालीन परिस्थितियों में राज्य सरकार को त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाता है, जिससे जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके। इस दौरे के दौरान महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, SDRC के संचालक सतीशकुमार खडके, अवर सचिव संजीव राणे और रतनसिंह परदेशी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने SDRC द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली को प्रभावशाली और तकनीकी रूप से उन्नत बताया। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की तैयारियों और समन्वयात्मक कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल में महावाणिज्यदूत माइक हैंकी के साथ प्रादेशिक सुरक्षा कार्यालय प्रमुख मारिओ रेटा, विशेष दूत जोश मैंगनम, प्रादेशिक मामलों के प्रमुख रॉब रेडेमेयर, अमेरिकी नागरिक सेवा प्रमुख श्रीमती स्टेसी बा और विशेष वाणिज्यदूत सेवा विशेषज्ञ केनेथ डिमेलो शामिल थे।



