
पुणे। पुणे जिले के मुलशी तालुका में 23 वर्षीय वैष्णवी हगावने की आत्महत्या ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। वैष्णवी ने 16 मई को अपने ससुराल में फांसी लगाकर जान दे दी। पोस्टमार्टम में उसके साथ मारपीट की पुष्टि हुई है। मृतका के पिता अनिल कासपाटे ने पति शशांक, सास-ससुर, ननद और देवर पर दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति शशांक, सास लता और ननद करिश्मा को गिरफ्तार कर लिया है जबकि ससुर राजेंद्र हगावने और बड़ा बेटा सुशील फरार हैं। पुलिस की चार टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। आरोपी राजेंद्र हगावने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता हैं। मामले के तूल पकड़ते ही डिप्टी सीएम अजित पवार ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया और पीड़िता के पिता को न्याय का भरोसा दिलाया। अजित पवार और अनिल कासपाटे की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है जिसमें पवार ने इस लड़ाई में साथ देने की बात कही। वैष्णवी का एक 10 महीने का बेटा है, जिसे अब ननिहाल में सौंपा गया है। परिवार को शादी में 51 तोला सोना और एक फॉर्च्यूनर कार सहित कई उपहार देने के बावजूद वैष्णवी को लगातार प्रताड़ित किया गया। इस मामले ने दहेज प्रताड़ना और महिला हिंसा के खिलाफ एक बार फिर जनआक्रोश को जन्म दिया है।




