
बैडमिंटन में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, सेमीफाइनल और फाइनल में होंगे खिताबी मुकाबले
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। राष्ट्रीय खेल दिवस एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बैडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग कर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इससे अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता भी विकसित होती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय खेल दिवस युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ मेजर ध्यानचंद के समर्पण और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है। विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बाबेले ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। खेलों में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन, नियमित अभ्यास, समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है। इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव भी प्रदान करती हैं।महिला वर्ग में पहला मुकाबला बीपीएड की रीवा और बीएससी की स्नेहा के बीच खेला गया, जिसमें रीवा ने 15-5 से जीत दर्ज की। दूसरे मुकाबले में बीपीएड की अनामिका ने दिशा को 15-10 से पराजित किया। तीसरे मुकाबले में बीपीईएस की काव्या ने बीपीएड की जोया को 15-11 से हराकर अगले चरण में प्रवेश किया।पुरुष वर्ग में भी खिलाड़ियों के बीच जोरदार मुकाबले देखने को मिले। पहले मुकाबले में बीपीएड के नौसाद खान ने बीपीईएस के शौर्य को 15-1 से पराजित किया। इसके बाद विष्णु ने दीपांशु को 15-7 और लकी ने पारस को 15-9 से हराया। एक अन्य मुकाबले में प्रतीक ने बीसीए के कृष्णा टंडन को 15-10 से शिकस्त दी। वहीं शिवम ने बाबू राजा को 15-7 से हराकर जीत दर्ज की। प्रतियोगिता के अगले चरण में सेमीफाइनल एवं फाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. ज्ञान अरजरिया और डॉ. कृष्णा पांडेय रहे। उन्होंने प्रतियोगिता के समापन पर अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आरती वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. कन्हैयालाल सोनकर, डॉ. स्वप्ना सक्सेना, डॉ. विनोद बौद्ध, डॉ. यज्ञपाल सिंह, डॉ. रोहित तिवारी, प्रीति श्रीवास और कुण्डेश्वर बाबू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल संचालन में देव कुमार, दिशा राजा, अनामिका गौर, सत्येंद्र साहू, शिवम, विष्णु और पारस ने ऑफिशियल एवं निर्णायक की भूमिका निभाई।

