
वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसरहवन-पूजन में उमड़े श्रद्धालु, सुख-शांति और परिवार की खुशहाली के लिए दी आहुति
इंद्र यादव/ठाणे। हरी-भरी वादियों और पहाड़ की गोद में बसे ठाणे के वागले एस्टेट स्थित हनुमान नगर के प्रसिद्ध बाबा विश्वनाथ मंदिर में पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे पूरे परिवार के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे। इस अवसर पर मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडितों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति देकर क्षेत्र में सुख-शांति, परिवार की खुशहाली और सभी के कल्याण की कामना की। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भी धार्मिक अनुष्ठान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की झलक भी मंदिर परिसर में देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और रक्षा का आशीर्वाद मांगा। वैदिक मंत्रों, पूजा-पाठ और हवन के बीच पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। स्थानीय लोगों ने भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में आपसी एकता, भाईचारा और संस्कारों को मजबूत करने वाला बताया।आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंदिर अध्यक्ष विनोद यादव, संचालक लल्लन यादव, कोषाध्यक्ष राजेश यादव और उपाध्यक्ष अशोक यादव के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से संपन्न हुए। वागले एस्टेट का बाबा विश्वनाथ मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पूर्णिमा और रक्षाबंधन के इस आयोजन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ एक सूत्र में जोड़ने का काम किया।

