
इंद्र यादव/लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके से एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद रायबरेली रोड स्थित एक होटल में तीन दिनों तक रखा गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले में 70 वर्षीय द्वारिका रैदास समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, किशोरी को कथित तौर पर एक सुनियोजित साजिश के तहत बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। आरोप है कि उसे रायबरेली रोड स्थित एक होटल के कमरे में तीन दिनों तक रखा गया, जहां 70 वर्षीय द्वारिका रैदास ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस जांच में इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि दुर्गेश रावत, उसकी पत्नी खुशबू और विनोद रावत ने किशोरी को ले जाने और उसे होटल तक पहुंचाने की साजिश में भूमिका निभाई। वहीं राबिया नाम की महिला पर होटल का कमरा उपलब्ध कराने और आरोपियों की मदद करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि किशोरी आरोपियों के चंगुल से निकलकर किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। किशोरी की आपबीती सुनने के बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी आर. वसंत कुमार के निर्देशन में मोहनलालगंज पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे द्वारिका रैदास के साथ दुर्गेश रावत, खुशबू, विनोद रावत और राबिया को गिरफ्तार कर लिया। पांचों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है। नाबालिग के साथ हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर यह जांच का विषय है कि किशोरी को तीन दिनों तक होटल में किस तरह रखा गया, होटल में प्रवेश और ठहरने के दौरान पहचान संबंधी प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं और आरोपियों की गतिविधियों पर किसी को संदेह क्यों नहीं हुआ। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के साथ आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं की जांच कर रही है। होटल से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण हो सकती है। नाबालिग से जुड़े इस गंभीर मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्णय के आधार पर होगी।

