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नागपुर में बनेगा देश का पहला एकीकृत ठोस कचरा प्रसंस्करण प्रोजेक्ट, रोज़ 28 टन गैस का होगा उत्पादन

नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नागपुर के भांडेवाड़ी क्षेत्र में देश का पहला एकीकृत शहरी ठोस कचरा प्रसंस्करण (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग) प्रोजेक्ट निजी निवेश के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के शुरू होने से “कचरा मुक्त शहर” की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी। शनिवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने भांडेवाड़ी में निर्माणाधीन परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक समूह केवा सुस बडे द्वारा प्रतिदिन शहर में उत्पन्न होने वाले लगभग 1,200 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा। इस प्रक्रिया से प्रतिदिन लगभग 28 टन बायोगैस का उत्पादन होगा। उन्होंने बताया कि यह एकीकृत कचरा प्रसंस्करण केंद्र तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है और आगामी अगस्त तक शहर के 1,200 मीट्रिक टन कचरे का पूर्ण रूप से आधुनिक तकनीक के जरिए निपटान किया जाएगा। परियोजना के तहत गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित कर उस पर प्रक्रिया की जाएगी। इससे बायोगैस, कंपोस्ट खाद और सूखे कचरे से पावर प्लेट्स (ईंधन सामग्री) तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार का यह भारत का पहला प्रोजेक्ट है। इसके लिए नागपुर महानगरपालिका ने 30 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। गैस की बिक्री से महानगरपालिका को प्रतिवर्ष 15 लाख रुपये की रॉयल्टी भी प्राप्त होगी। उन्होंने अधिकारियों को पर्यावरण अनुकूल इस परियोजना को हर संभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। फडणवीस ने कहा कि परियोजना के शुरू होने के बाद शहर में उत्पन्न होने वाले लगभग पूरे कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा और नागपुर देशभर में ठोस कचरा प्रबंधन तथा कचरा मुक्त शहर के रूप में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल साबित होगी। परियोजना से उत्पादित बायोगैस के माध्यम से शहर की 198 बसों के लिए सीएनजी आधारित हरित ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित हो रही इस परियोजना के लिए महानगरपालिका को कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं उठाना पड़ेगा। साथ ही, प्रतिदिन 1,300 मीट्रिक टन कचरे के प्रबंधन पर होने वाला बड़ा खर्च भी बच सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरे से खाद, बायोगैस, कंपोस्ट खाद और ऊर्जा उत्पादन करने वाली यह अत्याधुनिक परियोजना भविष्य में पूरे देश के लिए एक मॉडल बनेगी। निरीक्षण के दौरान राजस्व एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, नागपुर की मेयर नीता ठाकरे, महानगरपालिका आयुक्त विपिन इटनकर सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

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