
CPI(M) महासचिव बोले—छात्रों, युवाओं, किसानों और मजदूरों के आंदोलनों के सामने सरकार को पीछे हटना पड़ा
कोलकाता। CPI(M) के महासचिव एम.ए.बेबी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि सरकार के पतन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के विरोध के दबाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकार अब जन आंदोलनों के सामने पीछे हटने को मजबूर हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को अजेय समझने लगे थे, लेकिन छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और किसानों के आंदोलनों ने सरकार को कई मौकों पर अपने कदम वापस लेने के लिए मजबूर किया है। एम.ए.बेबी CPI(M) के विस्तारित सत्र में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल आए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम भी मौजूद थे। बेबी ने कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में तीन कृषि कानून पारित किए थे, लेकिन किसानों के लंबे आंदोलन के बाद सरकार को उन्हें वापस लेना पड़ा। उन्होंने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट और अयोध्या के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर धर्म और भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बावजूद पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा अयोध्या की सीट हार गई थी। बेबी ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। बेबी ने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा क्षेत्र पर भी अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए जेएनयू और जादवपुर विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस खतरे के बारे में समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुंचाने की जरूरत है। वामपंथी छात्र संगठनों के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। इंडिया गठबंधन की भूमिका पर बेबी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में विपक्षी गठबंधन को अपनी जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से निभानी होगी। विभिन्न राज्यों में गठबंधन के घटक दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा होना वास्तविकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि भाजपा और आरएसएस इसका फायदा न उठा सकें। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को प्रत्येक राज्य की अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी चाहिए। पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बेबी ने कहा कि बंगाल प्रगतिशील आंदोलनों की भूमि रहा है और CPI(M) अपने संगठन को मजबूत करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने श्रमिक वर्ग को एकजुट करने पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी का राज्य नेतृत्व नई पीढ़ी को आगे लाने का काम कर रहा है। बेबी ने बताया कि आगामी सितंबर में केरल में पार्टी की केंद्रीय समिति की विस्तारित बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उन पांच राज्यों के राजनीतिक और चुनावी हालात पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जहां अप्रैल में विधानसभा चुनाव हुए थे। पार्टी इन राज्यों के चुनावी अनुभव, संगठन की स्थिति और आगामी राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करेगी।

