Monday, May 4, 2026
Google search engine
HomeMaharashtra‘टेक-वारी 2.0’: तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के संग प्रशासन का नया मॉडल

‘टेक-वारी 2.0’: तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के संग प्रशासन का नया मॉडल

मुंबई। सामान्य नागरिकों के जीवन को सरल और सुलभ बनाना ही तकनीक का अंतिम उद्देश्य है, और इसी सोच के साथ राज्य में ‘टेक वारी’ जैसे अभिनव उपक्रम के माध्यम से नागरिक-केंद्रित प्रशासन को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आम आदमी ही हमारा ‘विठ्ठल’ है और उसकी सेवा ही शासन का मूल ध्येय होना चाहिए। सोमवार को मंत्रालय के त्रिमूर्ति प्रांगण में आयोजित ‘टेक-वारी 2.0’ कार्यक्रम में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशासन में मानवीय संवेदनाएं, मानसिक स्वास्थ्य और आलोचना को संभालने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। तेजी से बदलते तकनीकी युग में निरंतर सीखना आवश्यक है, अन्यथा व्यक्ति पीछे छूट सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में वास्तविक साक्षरता का अर्थ है—एआई (AI) को समझना और उसका प्रभावी उपयोग करना।
एआई से बदलती कार्यप्रणाली
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में एआई के कारण 80 से 90 प्रतिशत कार्यप्रणाली में बदलाव संभव है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहना होगा। ‘आईगॉट’ जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य के कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण लिया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
उपमुख्यमंत्री का दृष्टिकोण : सतत सीखना जरूरी
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि ‘टेक-वारी 2.0’ केवल तकनीकी प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मविकास और कार्यक्षमता बढ़ाने का एक व्यापक मंच है। जैसे वारकरी पंढरपुर की वारी श्रद्धा और अनुशासन से करते हैं, वैसे ही यह उपक्रम प्रशासन की तकनीक की ओर संगठित यात्रा को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि ‘साधना सप्ताह’ में महाराष्ट्र ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रशासन में संतुलित विकास पर फोकस
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस उपक्रम में ‘लेफ्ट ब्रेन’ और ‘राइट ब्रेन’ दोनों के विकास पर ध्यान दिया गया है। तकनीकी कौशल के साथ-साथ संगीत, योग, नृत्य और संस्कृति के माध्यम से रचनात्मकता और मानसिक संतुलन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को भी अत्यंत आवश्यक बताया।
व्यापक प्रशिक्षण और आधुनिक विषयों का समावेश
अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने जानकारी दी कि इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में 6 हजार कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं, जबकि 9 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए इसका लाइव प्रसारण किया जा रहा है। कार्यक्रम में डिजिटल गवर्नेंस, डेटा प्रोटेक्शन कानून, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए हैं।
एआई एजेंट ‘वासुदेव’ का अनोखा प्रयोग
कार्यक्रम में एआई आधारित ‘वासुदेव’ एजेंट ने दर्शकों से संवाद कर तकनीक की संभावनाओं का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ‘टेक वारी’ स्मारिका का भी डिजिटल स्वरूप में प्रकाशन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के फ्रंटलाइन कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तालरंग’ के कलाकारों का भी सत्कार किया गया। ‘टेक-वारी 2.0’ केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यापक पहल है जो तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलन के साथ प्रशासन को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments