
झांसी, उत्तर प्रदेश। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के मार्गदर्शन में एलएलबी एवं एलएलएम के छात्र-छात्राओं के लिए एक माह के समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य विधि के छात्रों को न्यायिक प्रक्रियाओं, विधिक व्यवस्था तथा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता से परिचित कराना था।अपने संबोधन में श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ विधिक प्रक्रियाओं की व्यवहारिक समझ भी आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान न्यायिक कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने और अधिकतम सीखने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने समिति की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों तथा संरक्षण एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण में सीडब्ल्यूसी की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) प्रतीक समाधिया ने छात्रों को कानून की तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया तथा न्यायालयीन कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक आदिल जाफरी ने प्राधिकरण की गतिविधियों, लोक अदालतों के आयोजन तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी साझा की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में सभी इंटर्न्स को इंटर्नशिप अवधि के दौरान अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने तथा अधिक से अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर अजितेंद्र तिवारी, दीपक मणि त्रिपाठी, अजय राठौर, रागिब अली, देवेंद्र सहित पराविधिक स्वयंसेवक एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।



