
मुंबई। राज्य की विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, अविवाहित तथा अन्य सभी श्रेणियों की एकल महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए महाराष्ट्र सरकार एक स्वतंत्र एकल महिला नीति तैयार कर रही है। इस नीति को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और सर्वसमावेशी बनाने के लिए नागरिकों, महिला संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, शोधकर्ताओं और विषय विशेषज्ञों से सुझाव एवं अभिप्राय आमंत्रित किए गए हैं। मुंबई शहर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शोभा शेलार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इच्छुक व्यक्ति अपने सुझाव और अभिप्राय व्हाट्सएप नंबर 9869869283 पर भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि एकल महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर कार्यरत लोगों के अनुभवों और सुझावों को शामिल किया जाएगा, ताकि नीति वास्तव में महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप बन सके। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सुझाव भेजने वालों से केवल समस्याओं का उल्लेख करने के बजाय उनके समाधान, नई योजनाओं के प्रस्ताव, वर्तमान योजनाओं में आवश्यक सुधार तथा कानूनी बदलावों से संबंधित ठोस और विस्तृत सुझाव देने का आग्रह किया है। शोभा शेलार ने बताया कि प्राप्त होने वाले सभी सुझावों और अभिप्रायों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा एकल महिला नीति के अंतिम मसौदे को तैयार करते समय उन्हें शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित नागरिकों, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। सरकार का उद्देश्य ऐसी नीति तैयार करना है जो एकल महिलाओं को सामाजिक सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता, कानूनी सुरक्षा और बेहतर जीवन अवसर उपलब्ध कराने में प्रभावी भूमिका निभा सके।



