
मुंबई। मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा स्ट्रीट वेंडर (पथविक्रेता) योजना की अधिसूचना जारी होते ही इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के सभी प्रशासनिक विभाग अपनी प्रारंभिक तैयारियां जल्द पूरी करें। उन्होंने योजना के सुचारु क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।बीएमसी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, उप आयुक्त (विशेष) विनायक विसपुते समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर समितियों के गैर-सरकारी सदस्यों के चयन के लिए कुल 153 आवेदन प्राप्त हुए हैं और नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है।प्रशासन के अनुसार, सर्वेक्षण में पंजीकृत 99,435 स्ट्रीट वेंडरों में से अब तक 57,697 को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। जांच के दौरान 3,950 आवेदक मृत पाए गए, जबकि 37,788 लोग संपर्क में नहीं आ सके या दस्तावेज़ सत्यापन के लिए कार्यालय नहीं पहुंचे। क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र वितरण की समयसीमा 31 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है।महापौर ऋतु तावड़े ने निर्देश दिए कि केंद्रीय एवं सात क्षेत्रीय स्ट्रीट वेंडर समितियों से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के अनुसार शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि सरकार की अधिसूचना जारी होते ही योजना लागू की जा सके। उन्होंने अवैध फेरीवालों की शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी फेरीवाले का दोहरा पंजीकरण न हो, वेंडिंग ज़ोन तय करते समय अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, रेलवे स्टेशनों, अग्निशमन केंद्रों, धार्मिक स्थलों, बस स्टॉप, संकरी फुटपाथों, आपातकालीन मार्गों और यातायात प्रभावित क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए। साथ ही पेयजल, कूड़ेदान और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा नागरिकों और फेरीवालों के सुझाव एवं शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।महापौर ने तकनीक के अधिकतम उपयोग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और सुगम बनाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त नगर आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने आश्वासन दिया कि योजना लागू करते समय महापौर द्वारा दिए गए सभी सुझावों का उचित पालन किया जाएगा।

