
झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी में वर्षा ऋतु से पहले नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश के सचिव अजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें मण्डल के सभी नगर निकायों के अधिकारियों के साथ शुद्ध पेयजल आपूर्ति, जल निकासी और नाला-नालियों की सफाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि 20 मई 2025 तक सभी नाला-नालियों की सफाई पूरी कर ली जाए और संकरी गलियों में जलभराव से बचाव हेतु आवश्यक पंप और उपकरण लगाए जाएं। कार्यों की मॉनिटरिंग न केवल प्रतिदिन शासन को रिपोर्ट के माध्यम से की जाएगी, बल्कि ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां टैंकरों और अन्य माध्यमों से समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने जन-जागरूकता को भी आवश्यक बताया। कोटरा, एट, माधवगढ़, जालौन, ऊरई, कालपी, एरच, गरौठा, कटेरा, मोठ जैसे स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
नगर आयुक्त ने अवगत कराया कि 8 बड़े नालों की सफाई निर्माण विभाग कर रहा है जबकि मझले व छोटे नालों की जिम्मेदारी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की है। कार्यों की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है, निकाली गई शिल्ट को भी उठाया जा रहा है। साथ ही श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और जेसीबी की मदद से कार्य किया जा रहा है। झांसी नगर में पेयजल संकट से निपटने हेतु टैंकरों की व्यवस्था की गई है और शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। अधिशासी अभियंता जल निगम ने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत झांसी पुनर्गठन पेयजल योजना के 34,000 घरों में कनेक्शन हेतु टेस्टिंग चल रही है। माताटीला से बबीना तक की 1.7 मीटर व्यास वाली पाइपलाइन को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे कार्य 20 दिन बाधित रहा। 16 मई की शाम से मरम्मत कार्य के बाद टेस्टिंग पुनः शुरू कर दी गई है और सचिव ने कार्यों को तेजी से पूरा कर आमजन को शीघ्र लाभ देने के निर्देश दिए। सचिव अजय शुक्ला ने मेंहदी बाग, पठौरिया और पुलिस लाइन स्थित नालों का निरीक्षण कर सफाई कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद बिजौली स्थित कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया, जहां शेड, चारा भंडारण और बैलों से तेल निकालने वाले कोल्हू को देखकर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण में नवग्रह वाटिका और गौवंश संरक्षण की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। बैठक में आयुक्त झांसी मंडल, नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी सहित विभिन्न नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।



