मीरा-भाईंदर। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के आयुक्त राधाबिनोद ए.शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आपदा प्रबंधन तथा मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर में चल रहे सभी मानसून पूर्व कार्य 25 मई 2026 से पहले युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत, उपायुक्त डॉ. सचिन बांगर, कविता बोरकर, प्रणाली घोंगे, स्वप्नील सावंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण, मेट्रो प्रकल्प, बिजली कंपनियों, महानगर गैस, एमटीएनएल और वन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयुक्त शर्मा ने निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी उपाययोजनाएं समयसीमा में पूरी की जाएं। शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त रखने, मैनहोल और नालों के ढक्कनों की तत्काल मरम्मत करने, निर्माणाधीन इमारतों के आसपास सुरक्षा जाल लगाने तथा विद्युत खंभों की जांच कर उन्हें सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पथदिवे, ट्रैफिक सिग्नल, स्पीड ब्रेकर और ज़ेब्रा क्रॉसिंग की रंगाई का काम भी जल्द पूरा करने को कहा गया। मानसून के दौरान खतरा बन सकने वाली इमारतों की सूची तैयार कर उन्हें अतिधोकादायक, धोकादायक और संभावित धोकादायक श्रेणियों में वर्गीकृत करने के निर्देश भी दिए गए। ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने, नोटिस जारी करने और वैकल्पिक निवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि 15 मई 2026 के बाद किसी भी प्रकार की खुदाई कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी विभागों और एजेंसियों को 25 मई तक अपने-अपने अधूरे कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए गए। बिजली कंपनियों को खुले केबल और डीपी बॉक्स की मरम्मत तथा सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने नालों की सफाई समय पर पूरी करने, निकाले गए गाद को तुरंत हटाने, जलापूर्ति को दूषित होने से बचाने तथा क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए। साथ ही मल-निसारण लाइनों की मरम्मत और निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। बारिश के मौसम में संभावित बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग को आपातकालीन स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखने और सभी अग्निशमन केंद्रों में 24×7 नियंत्रण कक्ष शुरू करने के आदेश भी दिए गए। इसके अलावा शहर में दुर्घटना की आशंका वाले पेड़ों की शाखाओं की छंटाई, हरित कचरे का त्वरित निपटारा, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर झुग्गी-झोपड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए। नागरिकों के लिए आवश्यक शरणस्थलों की पूर्व तैयारी करने और विभागीय कार्यालयों में रबर बोट, पानी निकालने वाले पंप तथा अन्य उपकरण कार्यरत स्थिति में रखने पर विशेष जोर दिया गया।