
मुंबई/इंद्र यादव। ठाणे शहर में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले गिरोह के खिलाफ चितलसर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित ई-सिगरेट (वेप) और विदेशी तंबाकू उत्पाद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के पीछे सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बीनू वर्गीस की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से ठाणे के हाइड पार्क इलाके के आसपास चोरी-छिपे ई-सिगरेट और विदेशी तंबाकू उत्पादों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बीनू वर्गीस ने पूरे मामले की जानकारी और सबूत जुटाकर चितलसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील वारुडे को सौंपे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पीआई सुनील वारुडे ने तत्काल विशेष टीम गठित कर हाइड पार्क क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कराई। पुलिस की रेड के दौरान दुकान और गोदामनुमा जगहों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। छापेमारी में बरामद सामग्री में विदेशी ई-सिगरेट (वेप), बिना वैधानिक चेतावनी वाली विदेशी सिगरेट के सैकड़ों पैकेट और हुक्का फ्लेवर व अन्य नशीले उत्पाद शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये सभी उत्पाद युवाओं को तेजी से नशे की लत की ओर धकेल रहे थे। गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2019 में ई-सिगरेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद चोरी-छिपे इनकी बिक्री जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार वेप देखने में आकर्षक और आधुनिक गैजेट जैसे लगते हैं, जिससे युवा और स्कूली बच्चे आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं। चितलसर पुलिस ने जब्त किए गए सामान को कब्जे में लेकर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह प्रतिबंधित सामान ठाणे तक किन माध्यमों से पहुंच रहा था और इसके पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बीनू वर्गीस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कहीं भी अवैध नशे या प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री होती दिखे, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके।




