Homeउत्तर प्रदेशजल अर्पण दिवस पर ग्राम लुहारी में ग्रामीणों को सौंपी गई पेयजल...

जल अर्पण दिवस पर ग्राम लुहारी में ग्रामीणों को सौंपी गई पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी, विधायक रश्मि आर्य ने किया शुभारंभ

देवेश प्रताप सिंह राठौर/उत्तर प्रदेश, झांसी। प्रदेश के प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित ‘हर घर जल’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को झांसी जनपद के बंगरा विकासखंड स्थित ग्राम लुहारी में ‘जल अर्पण दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव में संचालित पाइप्ड पेयजल योजना की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्रामवासियों को सौंपते हुए जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन ग्राम पंचायत के हवाले किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मऊरानीपुर विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने ग्राम प्रधान को जल कलश भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा प्रदेश के सभी 100 प्रतिशत पाइप्ड वॉटर सप्लाई वाले गांवों में जल अर्पण दिवस मनाया जा रहा है, जिसके माध्यम से जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीणों को सौंपी जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिला है। पहले ग्रामीण महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से गांव-गांव और घर-घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक एवं जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने कहा कि एक समय बुंदेलखंड क्षेत्र पानी की भारी समस्या से जूझता था और यहां टैंकरों तथा ट्रेनों से पानी पहुंचाया जाता था, जबकि आज प्रत्येक घर तक पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जल की बर्बादी रोककर इस व्यवस्था को दीर्घकाल तक सफल बनाए रखें, ताकि सभी को नियमित और निर्बाध जलापूर्ति मिलती रहे। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उनकी पहली नियुक्ति हमीरपुर में हुई थी, तब उन्होंने बुंदेलखंड में पानी की गंभीर समस्या को करीब से देखा था। आज इस क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी ग्रामीणों की ही है। कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. रश्मि आर्य एवं भारत सरकार से आए अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर नल कनेक्शनों का निरीक्षण किया तथा पानी की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। इसके साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी से हुई, जिसमें जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इसके बाद बच्चों ने ‘जल बंधन’ कार्यक्रम के तहत नल कनेक्शनों को राखी बांधकर जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने जल के सदुपयोग तथा संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया। इस अवसर पर पानी की गुणवत्ता जांचने में प्रशिक्षित एफटीके (फील्ड टेस्टिंग किट) महिलाओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गीतों के माध्यम से जल संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश देकर उपस्थित लोगों को जागरूक किया। पूरे आयोजन का उद्देश्य जल जीवन मिशन को जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी और प्रभावी बनाना रहा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments