
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया सोमवार, 26 मई को मीठी नदी सफाई घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के समक्ष पेश हुए। मोरिया सुबह करीब 11 बजे ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे और उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई। ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार, मोरिया का नाम मुख्य आरोपी केतन कदम और उसके सहयोगी जय जोशी के साथ कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच में सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, डिनो मोरिया, उनके भाई और केतन कदम के बीच कई बार बातचीत हुई है, जिसकी प्रकृति और उद्देश्य की जांच अभी जारी है। जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या अभिनेता की इन लेन-देन में सीधी या परोक्ष भूमिका थी।
क्या है मीठी नदी सफाई घोटाला?
यह मामला बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा मीठी नदी की सफाई के लिए गाद निकालने वाली मशीनों के किराये में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि कदम और जोशी ने कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से मशीनें किराए पर ली थीं, लेकिन उन्होंने बीएमसी से इन मशीनों के लिए अत्यधिक दरें वसूलीं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
क्या है मोरिया की भूमिका?
डिनो मोरिया का नाम फोन कॉल्स और लेनदेन की जानकारी के बाद सामने आया। अब यह देखा जा रहा है कि कहीं वे इन कंपनियों के आर्थिक लेनदेन में साझेदार या लाभार्थी तो नहीं थे। हालांकि, मोरीया को अभी आरोपी नहीं ठहराया गया है, बल्कि उन्हें जांच में सहयोग के लिए तलब किया गया है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि कॉल डेटा और बैंक रिकॉर्ड्स का डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण चल रहा है। डिनो मोरिया से पूछताछ का उद्देश्य उनके और केतन कदम के बीच संपर्क की प्रकृति, लेनदेन में भागीदारी और किसी भी संभावित लाभ की जांच करना है। मोरिया के भाई से भी पूछताछ संभव है।




