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गोंदिया में नए सरकारी कृषि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज, कृषि विकास के सभी प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

मुंबई। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने गोंदिया जिले में नए सरकारी कृषि महाविद्यालय की स्थापना, किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जिले के कृषि विकास से जुड़े सभी प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल , कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह और कृषि आयुक्त सूरज मंधारे उपस्थित थे। बैठक में मंत्री भरणे ने बताया कि गोंदिया में नए सरकारी कृषि महाविद्यालय की स्थापना के लिए डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही करंजा स्थित बीज गुणन केंद्र परिसर में विभिन्न फसलों के प्रदर्शन प्लॉट विकसित कर भविष्य में कृषि उद्यान स्थापित करने की योजना बनाई गई है। कृषि विभाग की भूमि पर कार्यालय, प्रयोगशाला और किसान प्रशिक्षण केंद्रों के लिए भवन निर्माण का प्रस्ताव सार्वजनिक निर्माण विभाग को भेजा गया है तथा भूमि मापन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अब तक 2,747 किसानों को 26.57 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है, जबकि शेष लाभार्थियों के लिए 13.69 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए वाहन, सिम कार्ड, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई तथा जल्द ही लैपटॉप वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए। करंजा की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए भी शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उर्वरक बिक्री में अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक 60 कृषि केंद्रों की जांच में 5 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द, 22 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा एक केंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं राज्यभर में यूरिया बिक्री की अनियमितताओं के खिलाफ चलाए गए अभियान में 22 जून 2026 तक 12,224 उर्वरक विक्रेताओं की जांच की गई, जिनमें 1,192 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 55 के लाइसेंस रद्द, 833 के लाइसेंस निलंबित किए गए और 21 मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज की गई। मंत्री भरणे ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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