
वायनाड (केरल)। सांसद प्रियंका गांधी ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले को लेकर केंद्र और मंदिर प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के साथ दिया गया दान सुरक्षित नहीं रह सका, तो यह बेहद दुखद और शर्मनाक है तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। शनिवार को मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं, जिनमें बड़ी संख्या में गरीब और सामान्य परिवारों की महिलाएं भी शामिल हैं, ने अपनी आस्था के चलते मंदिर निर्माण और धार्मिक कार्यों के लिए दान दिया था। यदि उन पैसों में हेराफेरी या गड़बड़ी हुई है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात भी है। उन्होंने कहा- यह वास्तव में बेहद दुखद और शर्मनाक है। देशभर के लोगों ने विश्वास और आस्था के साथ दान दिया और अब खबरें सामने आ रही हैं कि उस दान में गड़बड़ी हुई है। इसकी पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए और दान राशि में कथित हेराफेरी हुई, तो यह जांच का विषय है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मचारी इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं या इसके पीछे किसी बड़े स्तर की लापरवाही अथवा मिलीभगत थी। उन्होंने कहा- अगर आपने श्रद्धालुओं से चंदा और दान एकत्र किया है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है। आखिर इसके लिए जवाबदेह कौन है? इस बीच मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कथित ट्रेजरी लूट प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित धन की हेराफेरी किस स्तर तक हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले में आरोप लगने के बाद मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे तथा ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।



