
मीरा-भायंदर। आगामी मानसून को देखते हुए मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन द्वारा नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार, 2 जून 2026 को महानगर पालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे नाला सफाई कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।आयुक्त ने इससे पहले भी मानसून पूर्व तैयारियों, नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। इस बार के दौरे का उद्देश्य उन निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करना तथा शेष कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना था।निरीक्षण के दौरान मूर्धा खाड़ी, राई गांव, डोंगरी आइस फैक्ट्री क्षेत्र, पाली, गणेश देवल नगर, प्रशांत होटल के समीप रेलवे समानांतर नाला, एस.एन.कॉलेज परिसर, चालघर उघाड़ी, काशीमीरा हाईवे तथा महाजनवाड़ी स्थित बप्पा सीताराम मंदिर से महाविष्णु मंदिर तक के प्रमुख नालों और जल निकासी मार्गों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान नालों से गाद निकालने, कचरा हटाने और वर्षा जल के सुचारु प्रवाह के लिए किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और गति की समीक्षा की गई।अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महानगरपालिका क्षेत्र में मानसून पूर्व नाला सफाई का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य अंतिम चरण में हैं। प्रशासन का लक्ष्य बारिश शुरू होने से पहले सभी नालों, गटरों और जल निकासी मार्गों की सफाई पूर्ण करना है। आयुक्त ने कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कामों में किसी भी प्रकार की देरी न होने देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर नालों में जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए। साथ ही नाला सफाई के बाद निकाले गए गाद और कचरे को सड़कों अथवा नालों के किनारे लंबे समय तक न छोड़ते हुए उसका तुरंत निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए। जहां आवश्यकता होगी वहां अतिरिक्त मानवबल और मशीनरी उपलब्ध कराकर कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने कहा कि नाला सफाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, यातायात बाधा अथवा अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को पूर्ण क्षमता से संचालित रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।महानगरपालिका प्रशासन ने बताया कि मानसून पूर्व नाला सफाई कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रहे हैं। नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है तथा बारिश शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जा रहे हैं।निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे, उप आयुक्त डॉ. सचिन बांगर, शहर अभियंता दीपक खांबित, कार्यकारी अभियंता नितीन मुकणे, कार्यकारी अभियंता शरद नानेगावकर, सहायक आयुक्त योगेश गुणीजन, उद्यान अधीक्षक नागेश वीरकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार उपस्थित थे।



