
इंद्र यादव/मुंबई। प्रशासन और कथित पाखंड के बीच संबंधों को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें विवादों में घिरे कथित बाबा अशोक खरात और मुंबई एसआरए में तैनात उपजिल्हाधिकारी अभिजित भांडे पाटील के बीच कथित आर्थिक संबंधों के आरोप सामने आए हैं। नाशिक से सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, पाथर्डी इलाके में स्थित एक कीमती जमीन की खरीद में दो नाम प्रमुख रूप से जुड़े बताए जा रहे हैं—तृप्तीबाला अशोककुमार खरात (अशोक खरात की पत्नी) और प्रीति अभिजित भांडे पाटील (अभिजित भांडे पाटील की पत्नी)। दस्तावेजों में इस जमीन का सर्वे नंबर 132/2/3 बताया गया है, जो नाशिक महानगरपालिका क्षेत्र में आती है। इस सौदे की कीमत कागजों पर 71 लाख रुपये दर्ज है, जबकि इसका बाजार मूल्य लगभग 76.86 लाख रुपये बताया जा रहा है, और यह पंजीकरण जनवरी 2022 में हुआ बताया गया है। इस कथित लेनदेन ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक ओर जहां अशोक खरात जैसे व्यक्ति पर आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगते रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर कार्यरत अधिकारी के परिवार का इस तरह के विवादित व्यक्तियों के साथ संपत्ति लेनदेन में नाम सामने आना प्रशासनिक आचार संहिता और पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस जमीन की खरीद में इस्तेमाल किया गया पैसा वैध स्रोतों से आया था, क्या इसके पीछे कोई बड़े स्तर का आर्थिक घोटाला या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला छिपा है, और क्या इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।




