
पनवेल। आगामी मानसून के मद्देनज़र पनवेल नगर निगम (PMC) ने शहर की सीमा में स्थित 80 इमारतों को खतरनाक या अत्यधिक खतरनाक घोषित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किए गए संरचनात्मक सर्वेक्षण के आधार पर इन इमारतों को सी-1 श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जो दर्शाता है कि ये इमारतें किसी भी समय ढह सकती हैं और इनमें रहना जानलेवा साबित हो सकता है। इन इमारतों का वार्डवार विवरण इस प्रकार है:
वार्ड ए : 18 इमारतें, वार्ड बी : 15 इमारतें, वार्ड सी : 10 इमारतें व वार्ड डी : 37 इमारतें।
सभी प्रभावित निवासियों को महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम, 1949 की धारा 265 और 268 के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया गया है। नगर आयुक्त मंगेश चितले ने स्पष्ट किया कि यदि निवासियों ने समय रहते इमारतें खाली नहीं कीं, तो निगम बिजली और पानी की आपूर्ति काट देगा, पुलिस सहायता से जबरन निष्कासन करेगा, और ढहाए जाने की कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, मानसून में जानमाल की हानि से बचने के लिए यह कदम अत्यावश्यक है। डिप्टी कमिश्नर रविकिरण घोडके ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि संपत्ति मालिकों और किरायेदारों की ज़िम्मेदारी है कि वे संरचनात्मक ऑडिट कराएं और निवारक उपाय करें। भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या क्षति के लिए नगर निगम उत्तरदायी नहीं होगा। 80 खतरनाक इमारतों की पूरी सूची नगर निगम की वेबसाइट www.panvelcorporation.com पर उपलब्ध है। नागरिकों को आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी खतरनाक इमारत की जानकारी हो, तो उसे स्थानीय वार्ड कार्यालय में तुरंत सूचित करें।




