
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने श्रीक्षेत्र पंढरपुर को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ‘श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर विकास एवं वाणिज्यिक संकुल योजना’ के माध्यम से पंढरपुर का व्यापक और सुनियोजित विकास करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का क्रियान्वयन नगर विकास विभाग द्वारा किया जाएगा तथा विकास कार्यों के दौरान वारकरियों की सुविधा, स्थानीय नागरिकों के हितों की रक्षा, पुनर्वास और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सोमवार को मुख्यमंत्री विधान भवन में आयोजित पंढरपुर तीर्थक्षेत्र विकास योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, विधायक समाधान अवताडे तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलापुर के जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत ‘श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर विकास एवं वाणिज्यिक संकुल योजना’ को राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति की मंजूरी मिलने के बाद 18 जून 2026 को राज्य सरकार ने 3,993.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंढरपुर के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
वारकरियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत वारकरियों के लिए समग्र सुविधाओं के विकास पर 288.66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, प्राचीन मंदिरों और मठों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 36 करोड़ रुपये तथा श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर में भव्य कॉरिडोर के निर्माण के लिए 254.61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार केवल पंढरपुर कॉरिडोर परियोजना पर कुल 579.27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहर के समग्र विकास पर विशेष जोर
योजना के तहत नगर प्रदक्षिणा मार्ग, चंद्रभागा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक वाहन पार्किंग, वाणिज्यिक संकुल, शहर का सौंदर्यीकरण, संपर्क सड़कों और पुलों का निर्माण तथा पालखी पड़ावों के विकास सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के लिए 1,387.91 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना है।
पुनर्वास और मुआवजे पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विकास परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले नागरिकों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और प्रभावित भवनों के मुआवजे हेतु 2,026.72 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति की बैठक में सोलापुर के जिलाधिकारी की मांग के अनुसार भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि का 30 प्रतिशत तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। इसके अनुरूप वर्ष 2026-27 के मानसून सत्र में इस परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये की अनुपूरक बजटीय व्यवस्था भी की गई है।
विशेष पुनर्वास नीति का प्रस्ताव
पंढरपुर नगर परिषद क्षेत्र के प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास के लिए सोलापुर के जिलाधिकारी ने नगर विकास विभाग को विशेष पुनर्वास नीति का प्रस्ताव भेजा है। इस नीति के लागू होने के बाद परियोजना को अधिक व्यवस्थित और तेज़ गति से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना पंढरपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीर्थक्षेत्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे वारकरियों की यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित होगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा हजारों लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य पंढरपुर को आध्यात्मिक आस्था



