
मुंबई। मंत्री बाबासाहेब पाटील ने पालघर जिले के नागरिकों को सुलभ और प्रभावी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की स्थापना प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को इस संबंध में मंत्रालय में उनके अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री पाटील ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2014 में पालघर को ठाणे से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया था, लेकिन दि ठाणे-पालघर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक अभी भी संयुक्त रूप से कार्यरत है। बैंक का मुख्यालय ठाणे में होने के कारण पालघर के नागरिकों को बैंकिंग कार्यों के लिए ठाणे जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। मंत्री ने निर्देश दिए कि ठाणे-पालघर बैंक का विभाजन कर दो अलग-अलग बैंक स्थापित करने हेतु प्रस्ताव तत्काल भारतीय रिजर्व बैंक को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुगमता और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जिस प्रकार जिलों का विभाजन किया गया, उसी अनुरूप बैंकिंग ढांचे का भी पुनर्गठन आवश्यक है। बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, वर्तमान में बैंक की कुल 118 शाखाएं कार्यरत हैं, जिनमें 69 शाखाएं ठाणे जिले में और 48 शाखाएं पालघर जिले में हैं। पालघर एक आदिवासी बहुल जिला है, जिसमें वसई को छोड़कर अधिकांश तालुके आदिवासी क्षेत्र के रूप में चिन्हित हैं, जबकि ठाणे जिला तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद मंत्री पाटील ने कहा कि ठाणे का आर्थिक योगदान अधिक होने के बावजूद पालघर की भौगोलिक स्थिति, आदिवासी क्षेत्रों की जरूरतें और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग बैंक की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। बैठक में सहकार विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे, सहसचिव संतोष पाटील सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




