
अब्दुल्लापुरमेट (तेलंगाना)। तेलंगाना ईगल फोर्स, हैदराबाद नारकोटिक्स टीम, अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और एलबी नगर जोन क्लूज टीम की संयुक्त कार्रवाई में रंगारेड्डी जिले के बतासिंगाराम क्षेत्र में एक अवैध ड्रग्स निर्माण गिरोह का पर्दाफाश किया गया। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 50 लाख रुपये मूल्य की 750 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी ड्रग), बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ, ड्रग्स बनाने का उपकरण, एक कार और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सूर्यापेट जिले के तिरुमलगिरी निवासी केसरी मत्स्यगिरी उर्फ नरेश है, जो लंबे समय से मेफेड्रोन निर्माण और तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वह संतोष सिंह उर्फ राजू उर्फ राजेश, विजय, अश्विनी पाठक और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वर्ष 2015 से देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध ड्रग्स निर्माण इकाइयां संचालित कर रहा था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल जा चुका है। पुलिस जांच में पता चला कि नरेश ने यदाद्री भुवनगिरी जिले के मोटकुर निवासी रावुला महेश को फेशियल ग्लो पाउडर निर्माण के नाम पर अपने साथ जोड़ा और उसे 10 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच दिया। इसके बाद प्रभाकर नामक व्यक्ति से करीब 60 हजार रुपये में रसायन, कच्चा माल और उपकरण खरीदकर एक आम के बाग में बने शेड में अवैध ड्रग्स निर्माण इकाई स्थापित की गई। वहीं पर लगभग दो किलोग्राम कच्ची मेफेड्रोन तैयार की गई, जिससे 750 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध मेफेड्रोन बनाई गई। गुरुवार रात पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बतासिंगाराम स्थित श्री साई एचएमडीए वेब्रिज कार्यालय के पास जाल बिछाया गया। जब केसरी मत्स्यगिरी और निम्माला नरेश मेफेड्रोन की खेप को सूर्यापेट ले जाकर बेचने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 750 ग्राम मेफेड्रोन बरामद की गई। बाद में ड्रग्स निर्माण स्थल पर छापेमारी कर रसायन, उपकरण, वाहन और अन्य सामग्री भी जब्त कर ली गई। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपी विजय, संतोष सिंह और प्रभाकर फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार देश और विदेश में किन-किन नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।



