
मुंबई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई में एक विशेष सरकारी मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘एमएसएमई ट्रेड इनेबलमेंट एंड मार्केटिंग’ पहल के अंतर्गत आयोजित यह कार्यशाला बुधवार, 24 जून को एसएनडीटी विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुई। कार्यक्रम को महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, स्वयंशक्ति स्त्री उद्यमी फाउंडेशन, इनोव्हारी वुमेन्स मेंटरिंग एंड इनोव्हेशन हब, वाईस और चेनेलियर का सहयोग प्राप्त हुआ।
डिजिटल बाजार में कारोबार बढ़ाने की जानकारी
कार्यशाला में उपस्थित उद्यमियों को ‘एमएसएमई टीम योजना’ के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने व्यवसाय का विस्तार करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस योजना के तहत उद्यमी सरकारी ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी तरह निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग के लिए तकनीकी सहायता, बी-टू-बी (बिजनेस टू बिजनेस) और बी-टू-सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) मार्केटिंग के अवसर, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में निःशुल्क भागीदारी, ट्रेडमार्क, बारकोड तथा विभिन्न सरकारी अनुदान योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने दी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एनएसआईसी नवी मुंबई के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह जादौन ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर एनएसआईसी मुंबई क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक डी. डी. माहेश्वरी तथा एमएसएमई-डीएफओ की सहायक निदेशक माथुरिया आई.के. ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। इनोव्हारी वुमेन्स हब के संस्थापक निदेशक विश्राम बापट तथा एसएनडीटी वाईस इनक्यूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. सचिन लढ्ढा ने भी उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
वित्त, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स पर विशेष सत्र
तकनीकी सत्र में एनएसआईसी के प्रबंधक चिरो सुमित ने निगम की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। स्वयंशक्ति स्त्री उद्यमी फाउंडेशन, नाशिक की अध्यक्ष दीपाली चांदक ने ‘एमएसएमई स्कीम्स एंड टीम इनिशिएटिव’ विषय पर उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। सिडबी के एजीएम दिविक साहनी ने एमएसएमई वित्तपोषण और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी, जबकि चेनेलियर के निदेशक सिद्धार्थ दास ने बी-टू-बी और बी-टू-सी ऑनलाइन मार्केटिंग नेटवर्क पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई ‘टीम’ पहल पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन गौरी बैरागी ने किया, जबकि कुलदीप मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस कार्यशाला में महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।



