
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। नगर पालिका परिषद उन्नाव के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सोमवार को कई सभासदों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया। शहर स्थित यूनिक रिसॉर्ट में आयोजित प्रेसवार्ता में सभासदों ने नगर पालिका प्रशासन और नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका का “3 साल बेमिसाल” का दावा पूरी तरह विफल साबित हुआ है और वास्तविकता में नगर की जनता “जन-जन बेहाल” है। प्रेसवार्ता में सभासद ब्रजेश पांडे, सतीश यादव, सुशील तिवारी, लक्ष्मी देवी, ओमेंद्र प्रताप सिंह तथा गुड़िया सिंह उपस्थित रहे। सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजी गई 17 सूत्रीय शिकायत पर जांच तो शुरू हुई, लेकिन आज तक उसे अंतिम रूप नहीं दिया गया। सभासदों का कहना है कि जांच लंबित रहने से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराने के लिए घनश्याम मीणा को भी पत्र भेजा गया है। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सभासद ब्रजेश पांडेय ने कहा कि नगर पालिका द्वारा विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की अनेक समस्याएं वर्षों से जस की तस बनी हुई हैं और विकास कार्यों में अपेक्षित पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही है। सभासदों ने कहा कि यदि नगर हित से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था से उठ सकता है। उन्होंने मांग की कि नगर पालिका से संबंधित सभी शिकायतों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रेसवार्ता के अंत में सभासदों ने नगरवासियों के हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया और कहा कि जनसमस्याओं को लेकर उनकी आवाज आगे भी बुलंद होती रहेगी।



