
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित उपहार सामग्री में अनियमितता सामने आने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच में गद्दों के कवर पर एक राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से मिलती-जुलती डिजाइन पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है तथा उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी कृति राज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), वरिष्ठ कोषाधिकारी तथा उपायुक्त उद्योग को सदस्य बनाया गया। जांच पूरी होने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार, 24 जुलाई को डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 459 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। प्रत्येक जोड़े को दो-दो गद्दे वितरित किए गए थे, जिसके तहत कुल 918 गद्दों की आपूर्ति की गई। जांच के दौरान कुछ गद्दों के कवर पर एक राजनीतिक दल के चिन्ह से मिलती-जुलती डिजाइन पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म के खिलाफ कोतवाली शहर में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए और फर्म को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके साथ ही वैवाहिक उपहार सामग्री प्राप्त करने वाले पटल सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने उपहार सामग्री के परीक्षण और वितरण के लिए नामित सहायक विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिला समाज कल्याण अधिकारी, उन्नाव से पूरे मामले में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

