
मुंबई। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, नासिक से जुड़े दो अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने एक लैब अटेंडेंट के खिलाफ चल रही जांच को बंद करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। सीबीआई के अनुसार, 21 अप्रैल को EMRS, नासिक के एक लैब अटेंडेंट ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि शिंदे दिगर और चंकापुर में तैनात दो अधिकारियों ने ‘कारण बताओ नोटिस’ के बाद शुरू हुई अनुशासनात्मक जांच को बंद करने के लिए उससे 40 हजार रुपये के अनुचित लाभ की मांग की। एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि 12 अप्रैल को नासिक में हुई मुलाकात के दौरान एक आरोपी अधिकारी ने सीधे तौर पर यह रकम मांगी और यह भी कहा कि दोनों आरोपी इस राशि को आपस में बांट लेंगे। शिकायतकर्ता ने इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है। सीबीआई ने बताया कि रिश्वत मांगने के आरोप का सत्यापन स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में किया गया, जिसमें रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोप की पुष्टि हुई। जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इन तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने आपराधिक साजिश और लोक सेवकों द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।




