
नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर आने वाले वर्षों में नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनेगा। उन्होंने कहा कि मेंटेनेंस कमांड, ऑटो एविएशन, डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बढ़ते निवेश से इस क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। गुरुवार को नागपुर हवाई अड्डा परिसर में आयोजित हवाई अड्डा हस्तांतरण समारोह में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजारापू राममोहन नायडू, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण, विस्तार और विकास का कार्य जीएमआर कंपनी को औपचारिक रूप से सौंपा गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि नागपुर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। वर्ष 2019 में जीएमआर कंपनी का चयन हुआ, लेकिन विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण परियोजना में देरी हुई। अंततः केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से परियोजना को मंजूरी मिली और अब इसके विस्तार का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए एयरपोर्ट पर दो टर्मिनल और दो रनवे विकसित किए जाएंगे। एयरपोर्ट को पहले ही मेट्रो और सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है तथा आगे भी बेहतर कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले एक वर्ष में यात्रियों को एयरपोर्ट की सुविधाओं और सौंदर्यीकरण में बड़ा बदलाव दिखाई देगा तथा वर्ष 2029 तक विस्तार कार्य पूरा हो जाएगा।
नागपुर के लिए ऐतिहासिक क्षण: नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एयरपोर्ट का जीएमआर को हस्तांतरण नागपुर और मध्य भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। इससे यात्रियों को बेहतर हवाई सेवाएं मिलेंगी और कार्गो हब विकसित होने से निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नागपुर देश का केंद्रीय शहर होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब भी है, इसलिए एयरपोर्ट का विस्तार क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गडकरी ने कहा कि नागपुर के आसपास मौजूद टाइगर रिजर्व, खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलेगा तथा पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।
विदर्भ के विकास का ‘टेकऑफ’ : राममोहन नायडू
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजारापू राममोहन नायडू ने कहा कि यह केवल एयरपोर्ट हस्तांतरण नहीं बल्कि विदर्भ के विकास का “टेकऑफ” है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 30 लाख वार्षिक यात्रियों की क्षमता वाले इस एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर 60 लाख और भविष्य में 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नागपुर को दुबई, सिंगापुर, यूरोप, अमेरिका और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से सीधे जोड़ने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। साथ ही एयरपोर्ट को एक बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे उद्योग, कृषि और निर्यात क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। समारोह में सांसद प्रफुल्ल पटेल, महापौर नीता ठाकरे, विधायकगण, महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी, मिहान इंडिया लिमिटेड तथा जीएमआर समूह के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान जीएमआर नागपुर एयरपोर्ट की नई वेबसाइट और परियोजना के प्रतीक चिन्ह का भी अनावरण किया गया।



