Sunday, March 15, 2026
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मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रायगढ़ के फार्महाउस में चल रही थी 600 करोड़ रुपए की ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़

मुंबई। ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता में, मुंबई की आरसीएफ पुलिस ने एक फार्महाउस को ड्रग निर्माण इकाई में तब्दील करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में मेफेड्रोन (एमडी) जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 600 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
बकरियों की आड़ में ड्रग फैक्ट्री
गिरोह ने रायगढ़ जिले में स्थित एक फार्महाउस के दो कमरे बकरियां और मुर्गियां पालने के बहाने किराए पर लिए थे। वे मालिक को हर महीने 1 लाख रुपए (50,000 रुपए प्रति कमरा) किराया दे रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस सेटअप का उद्देश्य रासायनिक गंध को बकरी पालन की गंध से छिपाना था ताकि किसी को शक न हो।
जांच की शुरुआत और गिरफ़्तारियां
इस साल मार्च में आरसीएफ पुलिस ने 45 ग्राम एमडी जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और मुंबई तथा नवी मुंबई से चार और ड्रग तस्कर पकड़े गए। अब तक पुलिस ने कुल 6.689 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत 13.37 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सूचना के आधार पर, डीसीपी नवनाथ धावले के नेतृत्व में वरिष्ठ निरीक्षक महादेव कुंभार, पीआई शमशेर तड़वी, एपीआई मैत्रानंद खंडारे, और पीएसआई सुशांत सालवी सहित एक विशेष पुलिस टीम ने सावली फार्महाउस पर छापा मारा। छापे में एक व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया और 5.525 किलोग्राम एमडी, साथ ही बड़ी मात्रा में रसायन और उपकरण जब्त किए गए।
300 करोड़ रुपए का उत्पादन संभावित
पुलिस का कहना है कि जब्त कच्चे माल से लगभग 150 किलोग्राम एमडी तैयार किया जा सकता था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 300 करोड़ रुपए है। सूत्रों के अनुसार, गिरोह पिछले तीन महीनों से फार्महाउस में अवैध रूप से ड्रग उत्पादन कर रहा था और प्रति सप्ताह 25 किलोग्राम एमडी तैयार करता था। अनुमान है कि इस अवधि में कुल 300 किलोग्राम एमडी तैयार किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 600 करोड़ रुपए तक हो सकती है।
ड्रग नेटवर्क और मनी ट्रेल की जांच जारी
पुलिस अब इस ड्रग सिंडिकेट के विस्तृत नेटवर्क, वितरण चैनल, और अवैध मुनाफे की मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं, और उनकी तलाश जारी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) महेश पाटिल ने कहा, “गिरोह ने बेहद संगठित और सुनियोजित तरीके से अवैध उत्पादन कर बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था, लेकिन हमारी टीम ने तकनीकी निगरानी और सतर्कता से इसे सफलतापूर्वक उजागर किया।

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