
मुंबई। पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण माहौल और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मुंबई में सोमवार को एक राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल के तहत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर आपदा प्रतिक्रिया अभ्यास आयोजित किए गए। सेंट्रल रेलवे की सिविल डिफेंस यूनिट द्वारा ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल की गई, वहीं नागरिक सुरक्षा दल ने क्रॉस मैदान पर भी युद्धकालीन परिदृश्यों का अभ्यास किया। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वप्निल नीला ने जानकारी दी कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को हवाई हमले, ब्लैकआउट और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, ‘हमारी सिविल डिफेंस यूनिट ने मॉक ड्रिल के जरिए यह दिखाया कि रेलवे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। साथ ही, इस अभ्यास के जरिए आम नागरिकों को भी सतर्क किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा समन्वित इस पहल में महाराष्ट्र सरकार, भारतीय सेना और मुंबई पुलिस ने भी सक्रिय भागीदारी की। दिन के चार बजे से साढ़े चार बजे तक चलने वाले इस अभ्यास की शुरुआत दो मिनट के सायरन से हुई, जो एक हवाई हमले की चेतावनी के रूप में बजाया गया। नागरिकों से आग्रह किया गया कि वे इस दौरान अपने घरों में रहें, गैस और बिजली उपकरण बंद करें और निकटतम सुरक्षित आश्रय लें। इस मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाएं और नगर निगम सहित कुल १२ आपातकालीन सेवा एजेंसियों ने मिलकर समन्वित प्रयास किया। ब्लैकआउट सिमुलेशन के माध्यम से यह परखा गया कि शहर संभावित हवाई हमले की स्थिति में कितनी प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकता है।
इस अभ्यास को नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रशासन और जनता दोनों को युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी का अभ्यास मिला।




