
मुंबई। महाराष्ट्र के मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना की सभी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर इसका लाभ राज्य के अधिक से अधिक मछुआरों तक पहुंचाया जाए। शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री राणे ने कहा कि यह योजना मछुआरा समुदाय के बीच लोकप्रिय हो रही है। इसलिए विभाग के प्रादेशिक उप आयुक्त और सहायक आयुक्त प्रत्येक सप्ताह तालुका स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी मछुआरों तक पहुंचाएं और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए सुनियोजित प्रयास करें। उन्होंने विभागवार नियमित समीक्षा और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना के तहत विभागीय मत्स्य प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पुणे और नागपुर में प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई, जबकि वसई (मुंबई विभाग) और गड़चिरोली (नागपुर विभाग) में प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मंत्री राणे ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों में अपनाई जा रही आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का अध्ययन कर उनका लाभ महाराष्ट्र के मत्स्यपालकों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए अध्ययन दौरों की योजना समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने खारे पानी में सुपर-इंटेंसिव झींगा पालन (श्रिम्प फार्मिंग) परियोजना के तहत तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के आधार पर प्राप्त प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और राज्य के मछुआरों की आय में भी वृद्धि होगी।

