
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य देश में सबसे अधिक निवेश आकर्षित कर रहा है और अब इस निवेश को तेजी से उद्योगों में बदलना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए निवेश और रोजगार सृजन की क्षमता वाले क्षेत्रों के लिए व्यापक औद्योगिक नीतियां तैयार की जाएंगी। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर उसकी मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित की जाएगी। शुक्रवार को वर्षा निवास पर उद्योग विभाग की विभिन्न नीतियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नई नीतियां तैयार करते समय संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों और सफल उद्यमियों से परामर्श लिया जाए, ताकि उद्योगों की कमियों को दूर कर निवेश और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई राज्य में सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। इसलिए इसकी वर्तमान स्थिति, उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जाए तथा आधुनिक तकनीक और नए प्लेटफॉर्म विकसित कर इस क्षेत्र को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने मीडिया एवं एरिना नीति के तहत बड़े कन्वेंशन सेंटर स्थापित करने, रसायन उद्योग नीति में केमिकल पार्क शामिल करने तथा सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए अलग नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक नीतियां उद्योगों के लिए अनुकूल और निवेशक हितैषी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने उद्योगों से संबंधित सभी मंजूरियों के लिए ‘मैत्री’ पोर्टल का उपयोग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर मिलने वाली सेवाएं गुणवत्तापूर्ण हों और निवेशकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष कॉल सेंटर शुरू किया जाए। प्रत्येक कॉल का रिकॉर्ड रखकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से उसका विश्लेषण किया जाए, ताकि बार-बार आने वाली समस्याओं के आधार पर नीतिगत सुधार किए जा सकें। उन्होंने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) की औद्योगिक भूमि का आवंटन मांग और व्यवहार्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से करने के भी निर्देश दिए। बैठक में उद्योग निवेश एवं सेवा नीति-2025, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति-2025, एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025, जेम्स एंड ज्वेलरी नीति-2025, बांस उद्योग नीति-2025, बायोप्लास्टिक नीति-2026 सहित कई मौजूदा और प्रस्तावित औद्योगिक नीतियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा फुटवियर, परिधान, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट, फार्मास्यूटिकल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एमएसएमई, रसायन और जैव ईंधन क्षेत्रों के लिए नई नीतियों पर भी चर्चा हुई।

