
मुंबई। स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कहा है कि कई वर्षों से छात्रवृत्ति योजनाओं के स्लॉट की संख्या में कोई वृद्धि या परिवर्तन नहीं किया गया है। ऐसे में योग्य विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तुरंत प्रस्तुत किया जाना चाहिए। मंत्रालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के संबंध में चर्चा हुई। इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव रणजीत सिंह देओल, उप सचिव समीर सावंत, शिक्षा निदेशक (योजना) महेश पालकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
मंत्री भुसे ने कहा कि वर्तमान में उच्च प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक छात्रवृत्ति परीक्षाएं क्रमशः 5वीं और 8वीं कक्षा के लिए आयोजित की जाती हैं। लेकिन अब ये परीक्षाएं क्रमशः 4वीं और 7वीं कक्षा में आयोजित की जानी चाहिए ताकि अधिक विद्यार्थी पात्र बन सकें और उन्हें समय रहते छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके। इस बदलाव से विद्यार्थियों में आगे की शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें उच्च शिक्षा की दिशा में प्रेरणा मिलेगी। मंत्री ने निर्देश दिया कि यह बदलाव अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मंत्री भुसे ने छत्रपति राजाराम महाराज सारथी छात्रवृत्ति योजना का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि इसी प्रकार की वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और अन्य प्रकार की शैक्षणिक सहायता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी/एसटी), तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए भी प्रस्तावित की जानी चाहिए, ताकि सामाजिक समावेश और शैक्षणिक समानता सुनिश्चित की जा सके।




