
मुंबई। मंत्री भरत गोगावले ने रोजगार गारंटी योजना विभाग के अंतर्गत संचालित मातोश्री ग्राम समृद्धि खेत एवं पाणंद (ग्रामीण संपर्क) सड़कों के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण रोजगार सृजन को गति देने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं। गुरुवार मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने मनरेगा और मातोश्री ग्राम समृद्धि योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों में चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पंजीकृत मजदूरों की संख्या, जारी कार्य, लंबित मंजूरियां, निधि उपयोग तथा खेत और पाणंद सड़कों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वी.बी.जी. राम जी अधिनियम २०२५ पारित किया गया है, लेकिन यह अभी लागू नहीं हुआ है। इसलिए मनरेगा योजना पूर्ववत जारी रहेगी और सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा कार्यों के लिए कोई अंतिम समयसीमा निर्धारित नहीं की है। उन्होंने कहा कि खेत और पाणंद सड़कों के निर्माण कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त मांगों को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में कार्यों को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों के अनुमान पत्र शीघ्र तैयार कर तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी दी जाए। साथ ही संबंधित कार्यों के वर्ककोड तत्काल जारी कर कार्यारंभ आदेश और हाजिरी पत्रक उपलब्ध कराए जाएं। जारी कार्यों की शेष हाजिरी पत्रक भी तुरंत जारी कर भुगतान की प्रक्रिया नरेगासॉफ्ट प्रणाली पर बिना विलंब दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री गोगावले ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिला अधिकारियों की अनुमति से ग्राम पंचायत स्तर पर २० से अधिक कार्य शुरू करने की सुविधा दी है। ऐसे में शासनमान्य खेत और पाणंद सड़क कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाए। संभावित ‘एल नीनो’ परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए इन कार्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बैठक में रोजगार गारंटी योजना विभाग के सचिव आप्पासाहेब धुळाज सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




