
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में सामाजिक सुरक्षा, महिला संरक्षण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग को लेकर ‘हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति’ द्वारा एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। इससे पहले मुक्ताकाशी मंच पर एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न हिंदूवादी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें नीरज गुप्ता, डॉ. संदीप सरावगी, आशीष उपाध्याय, जयदीप खरे, पीयूष रावत, सक्षम (जिला प्रचारक), सोमेंद्र (विश्व हिन्दू परिषद) और सौरव (हिन्दू जागरण मंच) सहित कई लोग मौजूद रहे। ज्ञापन में तथाकथित “लव जिहाद” से जुड़े मामलों पर चिंता जताते हुए कठोर कानूनी और प्रशासनिक प्रावधान लागू करने की मांग की गई। समिति का कहना है कि छल, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से होने वाले कथित धर्मांतरण और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। समिति ने कई अहम सुझाव भी दिए हैं, जिनमें—
प्रत्येक जिले में ऐसे मामलों के लिए विशेष पुलिस थाने स्थापित करना
गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) का गठन
मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, जहां 6 माह में ट्रायल पूरा हो
षड्यंत्रकर्ताओं, आर्थिक मददगारों और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई
इसके अलावा, ज्ञापन में फर्जी पहचान को विशेष अपराध घोषित करने, अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने और अंतरधार्मिक विवाहों में पूर्व सूचना अनिवार्य करने जैसे सुझाव भी शामिल हैं। विवाह की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दो स्वतंत्र गवाहों की अनिवार्यता का भी प्रस्ताव रखा गया। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिम, सैलून और मसाज सेंटरों के नियमन की मांग भी की गई है। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू करने और विदेश भेजे जाने वाली महिलाओं के लिए सत्यापन एवं निगरानी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है।
कार्यक्रम के आयोजन में रजनी वर्मा, रंजना वर्मा, जीतू सोनी, मोहित अग्रवाल, रोहित महरौलिया, अरुण कुशवाहा, हर्षित, अनुज, सुमित विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम स्वामी, उपेंद्र बबेले, वासु पोखरेल, जीतू शिवहरे, राघव वर्मा, संजय राष्ट्रवादी और पुरुकेष अमरया सहित कई लोगों का योगदान रहा। ज्ञापन के अंत में समिति ने राज्य सरकार से इन सभी प्रस्तावों को लागू कर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। इसे सामाजिक सरोकार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।




