
कानून-व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा तक पुख्ता इंतजाम के निर्देश, अफवाह और अराजकता फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था हो कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, खाद्य पदार्थों में मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था अथवा अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान सजगता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की तैयारियों की समीक्षा
श्रावण मास और आगामी पर्वों की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद कर कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबंधन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह ने प्रदेश की तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मंडलायुक्त मेरठ और एडीजी जोन मेरठ ने कांवड़ यात्रा प्रबंधन की कार्ययोजना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने मेरठ जोन की कार्ययोजना को अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में प्रभावी और समन्वित व्यवस्था लागू की जा सके।
पूरे प्रदेश में एक समान हों व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे राज्य में लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। इसलिए प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान और प्रभावी होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को कांवड़ संघों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और शिविर संचालकों का समय से सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए। कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा वहां के कांवड़ संघों से भी संपर्क बनाए रखने को कहा।
सड़क, पेयजल, शौचालय और चिकित्सा की हो पर्याप्त व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार किए जाएं। क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ चिकित्सा शिविर संचालित करने तथा एंटी वेनम, एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण करने को भी कहा गया।
मांस-मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद, ओवररेटिंग पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे और अत्यधिक तेज आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
CCTV और ड्रोन से निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सतत निगरानी करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खंडन किया जाए। अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर भी सतर्कता
प्रदेश की कुछ नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा। संभावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने तथा स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। वीआईपी आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी रखने को भी कहा गया, ताकि आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
भ्रष्टाचार पर निलंबन और विजिलेंस जांच के निर्देश
प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चकबंदी से संबंधित जनसमस्याओं का समाधान पूरी निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर किया जाए। कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएं। किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर तत्काल निलंबन के साथ खुली विजिलेंस जांच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
ओवर बिलिंग का बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े
मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को बिजली की ओवर बिलिंग से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिल लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए। अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने को कहा। झांसी एनआईसी में बैठक के दौरान मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, डीडीओ राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

