
बीडीडी चॉल पुनर्विकास से लेकर अभ्युदय नगर तक के मुद्दों पर चर्चा, सचिन अहिर ने दिए समाधान निकालने के निर्देश
मुंबई। म्हाडा प्राधिकरण से संबंधित विभिन्न आवासीय सोसायटियों के पुनर्वास और पुनर्विकास से जुड़े लंबित मामलों को लेकर विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर की अध्यक्षता में विधान भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना सहित मुंबई की विभिन्न आवासीय सोसायटियों के लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। अहिर ने संबंधित अधिकारियों को नागरिकों और रहवासियों का पक्ष सुनकर समस्याओं का सकारात्मक समाधान निकालने के निर्देश दिए। बैठक में बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के तहत लॉटरी के माध्यम से होने वाले आवास आवंटन में आ रही समस्याओं, वरली बीडीडी चॉल के संबंधित परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने तथा ट्रांजिट कैंप में रहने वाले नागरिकों की मांगों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही लोअर परेल स्थित सरस्वती बिल्डिंग के 10 रहवासियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने तथा ना.म.जोशी मार्ग स्थित 365, शिवशक्ति पार्क के तानवडे एवं अन्य 30 रहवासियों की ओर से दिए गए निवेदन पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भायखला स्थित गीतांजलि बिल्डिंग को म्हाडा की पांच इमारतों के प्रस्तावित क्लस्टर में शामिल करने, एसवीपी नगर सोसायटी के एचआईजी और एलआईजी पुनर्वास, टैगोर नगर स्थित घरकुल सोसायटी के परिवारों को स्थायी मालिकाना हक देने तथा अभ्युदय नगर की इमारतों के पुनर्विकास से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा रुस्तम ताडीवाला चॉल और शाहसदन सोसायटी से जुड़े निवेदनों पर संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। उपसभापति सचिन अहिर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्वास और पुनर्विकास से जुड़े मामलों में प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और नियमों के दायरे में रहते हुए सकारात्मक एवं व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाए। बैठक में म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल, मुंबई इमारत मरम्मत एवं पुनर्रचना मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर, मुंबई मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर सहित म्हाडा के संबंधित अधिकारी और विभिन्न आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

