
मीरा-भायंदर। भायंदर ईस्ट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, के बाद मीरा-भायंदर नगर निगम (एमबीएमसी) ने पूरे क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। इस विशेष मुहिम के तहत निजी और सरकारी जमीनों पर बनी खतरनाक झुग्गियों और अवैध ढांचों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह अभियान सप्ताहांत में शुरू किया गया और इसका उद्देश्य लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं को रोकना है। पिछले तीन महीनों में क्षेत्र में कई आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अधिकांश बिना अनुमति बने गोदामों, फर्नीचर इकाइयों और अस्थायी झुग्गी बस्तियों में लगीं, जहां सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम नहीं थे।नगर आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने बताया कि हालिया घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और प्रशासनिक जवाबदेही भी तय की जाएगी। तत्काल कदम उठाते हुए नगर निगम ने अपनी प्रवर्तन प्रणाली को और मजबूत किया है। छह वार्डों की जिम्मेदारी दो अतिरिक्त आयुक्तों को सौंपी गई है, जिन्हें अवैध और असुरक्षित अतिक्रमणों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
भायंदर ईस्ट अग्निकांड का विवरण
भायंदर ईस्ट के इंद्रलोक इलाके में लोढ़ा कॉम्प्लेक्स के पीछे 10 अप्रैल की रात करीब 8 बजे एक खुली जमीन पर भीषण आग लग गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। इसकी जानकारी पुलिस उपायुक्त राहुल चव्हाण ने दी। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर पाए गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर 29 सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे संभावित बड़े विस्फोट को टाल दिया गया। यह आग एक कथित अवैध झुग्गी बस्ती में लगी, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि रिहायशी क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों का भंडारण कैसे किया जा रहा था। अब एमबीएमसी की सख्त कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी या नहीं।




